जमीयत उलमा-ए-हिंद उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने के फैसले को अदालत में चैलेंज करेगी। मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि शरीयत और धर्म के खिलाफ कोई भी कानून उन्हें मंजूर नहीं है। उन्होंने पूछा यदि अनुसूचित जनजातियों को संविधान विधेयक से छूट दी जा सकती है तो मुसलमानों को क्यों नहीं?source https://www.indiatv.in/india/national/uttarakhand-jamiat-ulama-e-hind-go-court-against-ucc-asked-why-discrimination-in-name-of-uniform-civil-code-2025-01-27-1108648